इमरान ने आतंक से लड़ाई में दिए पीछे हटने के संकेत, कहा- दूसरे देश के लिए नहीं लड़ेंगे

Publish Date : 08 / 09 / 2018

इस्लामाबाद 
बता दें कि अमेरिका और भारत की ओर से लगातार पाकिस्तान पर यह दबाव बनाया जाता रहा है कि वह अपनी धरती पर सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे। आतंकवाद से जंग में गई जानों को लेकर इमरान खान ने कहा, 'मैं बहुत पहले से इस जंग के खिलाफ रहा हूं। भविष्य में हम किसी भी दूसरे देश की जंग का हिस्सा नहीं बनेंगे। हमारी विदेश नीति देश के सर्वोच्च हित में होगी।' 
'मदीना के मुस्लिम राज्य की तर्ज पर करेंगे विकास'
इमरान खान ने कहा कि हम ह्यूमन कैपिटल पर निवेश करने का काम करेंगे। नए बने पीएम ने कहा कि बच्चों को स्कूल भेजने, अस्पताल तैयार करने और मेरिट सिस्टम बनाकर हम सभी के साथ एक समान व्यवहार सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह मदीना के पहले मुस्लिम राज्य की तर्ज पर किया जाएगा। सेना और सरकार के बीच मतभेदों के सवालों पर इमरान ने कहा कि देश के हितों को लेकर हम एक ही राह पर हैं। 
बाजवा बोले, 1965 और 1971 की जंग से बहुत कुछ सीखा 
सेना के कामकाज की सराहना करते हुए इमरान ने कहा कि यह एकमात्र ऐसा संस्थान है, जिसमें कोई राजनीतिक दखल नहीं है और सब कुछ मेरिट के आधार पर होता है। इसी कार्यक्रम में पाक सेना चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने कहा कि हमने 1965 और 1971 की जंग से बहुत कुछ सीखा है और अपनी रक्षा के लिए परमाणु हथियारों को विकसित किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ जंग की बहुत बड़ी कीमत चुकाई है। 

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