प्रशासन और कमेटी के बीच विवाद में व्यापारियों का दर्द भी सुना जाए

Publish Date : 22 / 01 / 2021

सत्ता सुधार।गुना
जिला प्रशासन द्वारा अवैध घोषित हुए बोहरा मस्जिद कॉम्प्लेक्स के तोडने की सुगबुगाहट के बीच शुक्रवार को व्यापारियों ने पत्रकारवार्ता बुलाकर अपना पक्ष रखा। इस मौके पर व्यापारियों ने मानवीयता और सैकड़ों लोगों की आजीविका के मद्देनजर कॉम्प्लेक्स को जमींदोज नहीं करने की मांग की। इस मौके पर व्यापारियों ने कहा कि कमेटी और प्रशासन के बीच व्यापारियों का दर्द नहीं सुना जा रहा है। प्रशासन बीच का रास्ता निकलकर न्यायोचित कार्रवाई करें। हमारी प्रशासन से मांग है कि प्रशासन काम्प्लेक्स को राजसात कर हमें किराया ले। इस मौके पर पत्रकारों के समक्ष दुकानदारों ने अपनी आजीविका का हवाला देकर उक्त काम्प्लेक्स को राजस्व विभाग के अधीन करने की मांग की। व्यापारियों के अनुसार वह जो मासिक किराया बोहरा कमेटी को देते थे वह मासिक किराया नपा या कोर्ट में जमा करने को तैयार हैं। जिससे कॉम्प्लेक्स से जुड़े दुकानें के 500 से अधिक परिवारों की आजीविका पर आए संकट को टला जा सके। वह पिछले 12 वर्षों से बोहरा कॉम्प्लेक्स में अपनी दुकानों से आजीविका संचालित कर रहे हैं। यह दुकानें उन्होंने दाउदी बोहरा जमात से पगड़ी राशि जमा कर एवं मासिक किराया पर ली थी। इधर गत दिवस जिला प्रशासन ने बोहरा मस्जिद कॉम्प्लेक्स पर अवैध निर्माण का नोटिस चस्पा कर दिया। वहीं जिला प्रशासन के अधिकारी इस कॉम्प्लेक्स को जल्द जमींदोंज करने की बात कर रहा है। ऐसे में दुकानदारों में घबराहट है। दुकानदारों और उनके परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। इस मौके पर बोहरा मस्जिद कॉम्प्लेक्स में संचालित दुकानों के दुकानदारों सहित विभिन्न व्यापारी संघ के पदाधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

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