नवंबर-दिसंबर में सिर्फ 10 दिन ही विवाह के मुहूर्त

Publish Date : 07 / 11 / 2020


सत्ता सुधार
चार माह के लंबे अंतराल के बाद विवाह की शहनाइयां एक बार फिर देवउठनी एकादशी से बजने लगेंगी, लेकिन इस साल के अंतिम माह दिसंबर तक केवल 10 दिन ही विवाह मुहूर्त रहेंगे। इस माह यानी नवंबर में सिर्फ 3 और अगले माह दिसंबर में केवल 7 दिन ही मुहूर्त हैं। गत मार्च से जुलाई तक कोरोना महामारी से बचाव के लिए लॉकडाउन लगने और शासन की गाइडलाइन की बंदिशों के चलते काफी कम जोड़ों के विवाह हो सके थे। दूसरी वजह यह है कि अब यदि जो लोग नवंबर व दिसंबर माह के मुहूर्त में विवाह करने से चूक जाएंगे तो उन्हें फिर मुहूर्त के लिए 22 अप्रैल तक का लंबा इंतजार करना होगा।
शादी में शामिल होंगे सिर्फ 200 लोग : शासन की गाइड लाइन के अनुसार होटल, धर्मशाला आदि में विवाह में 200 से अधिक लोग नहीं होने चाहिए। इसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखना होगा। मैरिज गार्डन या कोई अन्य मैदान में उसकी क्षमता के अनुपात से आधे लोग यानी 800 लोगों की जगह है, तो 400 ही बुलाए जाए।
देव उठनी ग्यारस से शुरू होंगे मुहूर्त
पंडित लखन शास्त्री ने बताया कि इस माह नवंबर में 25 को देव उठनी एकादशी से विवाह मुहूर्त प्रारंभ होंगे। इसके अगले दिन 26 व 30 नवंबर को भी मुहूर्त रहेंगे। इसके बाद अगले माह 1,6,7,8,9,10 व 11 दिसंबर को विवाह मुहूर्त रहेंगे। इसके बाद मुहूर्त सीधे आगामी नए वर्ष में 22 अप्रैल से शुरू होगे। 15 दिसंबर से 14 जनवरी तक मलमास रहेगा। 17 जनवरी से 15 फरवरी तक बृहस्पति और 16 फरवरी से 18 अप्रैल तक शुक्र अस्त होने से विवाह मुहूर्त नहीं होगा।
शादियों के मुहूर्त निकलवा रहे लोग
कोरोना के चलते अधिकांश शादियां स्थगित कर दी गईं थी। अब लोग नवंबर व दिसंबर में विवाह जरुर करना चाह रहे हैं। उन्होंने पंडितों से मुहूर्त की तिथियां भी निकलवा ली हैं। गार्डन संचालक ने बताया कि शहर में दो दर्जन से अधिक मैरिज गार्डन हैं। इसके अलावा, होटल, क युनिटी हॉल व धर्मशालाएं भी हैं जहां विवाह होते हैं।
नवरात्र के बाद से विवाह के लिए शादी हाल व गार्डन की बुकिंग में कुछ तेजी आई है।

 

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