ब्याज पूरी तरह से हो समाप्त,ईएमआइ चुकाने में मिले राहत

Publish Date : 26 / 03 / 2020

रायपुर। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एसोसिएशन (कैट) का कहना है कि ब्याज दर कम करने के बजाए इसे पूरी तरह से वापस लेना चाहिए। साथ बैंकों द्वारा हर माह ली जाने वाली ईएमआइ चुकाने में भी राहत दी जानी चाहिए। इस समय व्यापारियों के साथ ही आम लोगों के लिए भी ईएमआइ चुका पाने में समस्या है।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी का कहना है कि कोरोना के चलते सभी सेक्टरों का कारोबार प्रभावित है। उन्होंने कहा कि इसके चलते बैंकों की ऋण वापसी, ईएमआइ और अन्य बैंकिंग दायित्व 30 सितंबर तक बढ़ा दिए जाए। साथ ही बिजली, पानी, संपत्ति कर जैसे सरकारी बिलों का भुगतान भी 30 सितंबर तक बढ़ा दिया जाए। बैंकिंग सूत्रों के अनुसार आइबीए पहले ही आरबीआइ के साथ ईएमआइ के मुद्दे पर चर्चा कर चुका है और इस पर विचार भी किया जा रहा है।कुछ दिनों में संभव है कि ईएमआइ चुकाने में भी लोगों को राहत मिले।

एनपीए घोषित न हो खाता

पारवानी ने कहा कि किसी भी व्यापारी का खाता इन दिनों कोरोना संकट को देखते हुए एनपीए घोषित न किया जाए। साथ ही डिजीटल लेनदेन पर बैंक द्वारा लगाए गए शुल्क को भी अभी माफ कर दिया जाए।

ऑनलाइन कंपनियां भी केवल जरूरी सामान बेचे

लॉकडाउन को देखते हुए अभी ऑनलाइन कंपनियों को भी केवल जरूरी सामान बेचने की अनुमति देनी चाहिए। अन्य किसी भी सामान की बिक्री के लिए उनके पोर्टल को प्रतिबंधित किया जाए।

किसी भी एटीएम से निकाले पैसे

इस जाल जून तक किसी भी एटीएम से पैसे निकालने में लगने वाले शुल्क से छूट दी गई है। इसके साथ ही बैंक खाते में न्यूनतम राशि रखने के नियम से भी इस अवधि के दौरान छूट है। आम उपभोक्ताओं के लिए यह एक बड़ी राहत वाली बात है।

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