महंगे हो सकते हैं मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक, टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स, जानें क्या है कारण

Publish Date : 08 / 03 / 2020

नई दिल्ली। वैसे ही महंगाई की मार कम है जो अब आने वाले दिनों में रेडीमेड कपड़े, मोबाइल फोन, और मेडअप्स महंगे हो सकते हैं। 14 मार्च को एक बार फिर से GST Council की बैठक होने वाली है और इसमें जीएसटी की दरों पर फैसला हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इनके दाम बढ़ सकते हैं। एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सरकार ऐसे कई आईटम्स पर GST की दरों में बदलाव कर सकती है। GST काउंसिल की बैठक में आईडीसी को ठीक करने की कवायद है। ऐसा करने से सरकार सालाना करीब 25 हजार करोड़ रुपए बचा पाएगी। इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर (IDC) की वजह से रिफंड देना होता है।

फिलहाल देश में मोबाइल पर GST की दर 12 प्रतिशत है वहीं इसके पुर्जों पर लगने वाली जीएसटी की दर 18 फीसदी है। दूसरी तरफ कपड़ों पर जीएसटी की दर केवल पांच प्रतिशत है, जबकि इसके कच्चे माल पर यह दर 12-18 फीसदी है। इस वजह से सरकार को जीएसटी रिफंड ज्यादा देना पड़ता है।

कहा जा रहा है कि बैठक में इनपुट के इंपोर्ट पर भी ड्यूटी घटाने को लेकर फैसला हो सकता है। एक अनुमान यह भी है कि इस बैठक में 12 प्रतिशत और 5 प्रतिशत के स्लैब खत्म करने पर फैसला हो सकता है जिसके बाद 8 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत के स्लैब ही रहेंगे। अगर ऐसा होता है तो उन चीजों के दाम बढ़ने तय हैं जो कि 5 प्रतिशत वाले स्लैब में आती हैं। वहीं 12 प्रतिशत वाले स्लैब की कुछ चीजें महंगी हो सकती हैं वहीं कुछ सस्ती क्योंकि इनमें से कुछ 8 प्रतिशत के स्लैब में जा सकती हैं वहीं कुछ 18 प्रतिशत के स्लैब में। हालांकि, अब तक यह केवल चर्चाओं में है और इसे लेकर सरकार की तरफ से कोई ना तो घोषणा हुई है ना आधिकारिक बयान आया है।

 

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